- विशेष
प्रतिनिधि
विगत दिनों
सर्वोच्च न्यायलय के वरिष्ठ अधिवक्ता अनीस अहमद की अध्यक्षता में
हिंदी भवन में ‘वासंती काव्य संध्या’ का आयोजन हुआ। काव्य संध्या का शुभारंभ वरिष्ठ कवि
डा. कुंवर बेचैन द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। यशस्वी लेखक एवं पत्रकार स्व. ऋषभ चरण
जैन के तैलचित्र का अनावरण किया गया।
डा. बेचैन के गीत ‘चोटों पे चोट देते ही जाने का शुक्रिया, पत्थर को बुत की शक्ल में लाने का शुक्रिया।’ ने श्रोताओं को भाविभोर कर दिया।
युवा कवि बलराम की
पंक्तियों ने खूब समां बांधा - ‘मैं मरुस्थल का राही हूं,
मुझे
मधुमास लिख देना।’
कुंवर जावेद (कोटा), श्रीमती अलका सिन्हा की रचनाएं भी सराहनीय रहीं।
मंच संचालन शिवओम अंबर ने
किया। अंत में हिंदी भवन के अध्यक्ष त्रिलोकी नाथ चतुर्वेदी ने सभी श्रोताओं का
धन्यवाद किया।
प्रस्तुत हैं काव्य संध्या
की कुछ झलकियां
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