- एटा से
नितिन तिवारी
लोकतंत्र के चौथे
स्तम्भ कहे जाने वाले पत्रकारों के शोषण को लेकर तथा शहर कोतवाल द्वारा पत्रकारों
पर किया गया उत्पीड़न अब सहनशीलता से ऊपर निकल चुका है। इसको लेकर बीते दिन जनपद भर
के पत्रकारों ने एक लिखित ज्ञापन जिलाधिकारी महोदय के नाम एस.डी.एम. सदर को दिया।
जनपद में पिछले समय से
पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार, मारपीट एवं झूठे मुकदमे दर्ज करके जिला प्रशासन
द्वारा पत्रकारों का उत्पीड़न किया जा रहा था। यह अब पत्रकारों की सहनशीलता से बाहर
होता जा रहा है। ऐसी एक अशोभनीय घटना कुछ दिन पूर्व हुई। प्रमुख सचिव के निरीक्षण
के दौरान दैनिक हिंदुस्तान के संवाददाता अरुण कुमार शर्मा के साथ शहर कोतवाल
डालचन्द्र ने अभद्रता एवं मारपीट की। इं. डालचन्द्र ने न सिर्फ मारपीट व वदसलूकी
की बल्कि उसे अपराधियो की भॉति घसीटकर जीप में डालकर ले गए। उल्लेखनीय है कि अरुण
उस समय पीड़ित महिलाओं से उनकी समस्या की जानकारी ले रहे थे। यही बात कोतवाल
डालचन्द्र को नाकवार गुजरी और उन्होने पहले तो उसकी वीडियो क्लिपिंग बनाई और उसके
बाद अपराधियो की भॉति घसीटते हुए मारपीट करतें हुयें जीप में डाल ले गए।
पत्रकारों ने तत्काल इसकी
शिकायत प्रमुख सचिव नेतराम से की। जिस पर प्रमुख सचिव ने तत्काल पुलिस कप्तान अजय
मोहन शर्मा को आदेश देकर कोतवाल एंव पकड़े गए पत्रकार को मौके पर बुलवाया। पीड़ित
पत्रकार अरुण ने प्रमुख सचिव के सम्मुख पहुँच कर उन्हें संपूर्ण घटना से अवगत
कराया। जिस पर उन्होने पीड़ित पत्रकार की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कोतवाल के
विरूद्व कार्यवाही करने के आदेश भी दिए। डीजीपी द्वारा पुलिस कप्तान को कार्यवाही
के लिए कहा गया।
दो दिन तक जब इस पर कोई कार्यवाही
नहीं हुई तो जनपद के पत्रकारों ने एक बैठक की जिसमें सर्वसम्मति से जिलाधिकारी के
नाम एक ज्ञापन तैयार किया गया। यह ज्ञापन एस.डी.एम सदर उदयराज सिंह को दिया।
ज्ञापन में शहर कोतवाल डालचन्द्र और पटियाली चौकी इंचार्ज आर.के. सिंह के निलंबन की मांग की गई है।

पीड़ित पत्रकार
अरुण शर्मा कोतवाल की शिकायत प्रमुख सचिव से करतें हुए
महिलाओ से
जानकारी करतें अपर पुलिस अधीक्षक राजबाबू सिंह
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