- विशेष
प्रतिनिधि
सदाबहार अभिनेता, निर्माता व निर्देशक देवानंद नहीं रहे। शनिवार को लंदन में उनका निधन हो गया। वे 88 वर्ष के थे।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार देवानंद का स्वास्थ्य पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं चल
रहा था। वे अपने स्वास्थ्य की जाँच कराने के लिए लंदन गए हुए थे। उनके पुत्र सुनील
आनंद उनके पास थे। उनके शोक
संतप्त परिवार में पत्नी, पुत्र और एक पुत्री हैं। उनका अंतिम संस्कार लंदन में ही
किया जाएगा।
देवानंद ने 1946 में अभिनय करना शुरू किया था। उनकी पहली फिल्म
थी – ‘हम एक
हैं’। सन् 1947 में ‘जिद्दी’ रिलीज हुई। इस
फिल्म ने फिल्मनगरी में उन्हें अभिनेता के रूप में स्थापित कर दिया और वे पूरे
भारत में लोकप्रिय हो गए और उन्हें एक बड़ा और सफल अभिनेता माना जाने लगा। इसके बाद
देवानंद ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा और ‘पेइंग गेस्ट’, ‘बाजी’, ‘ज्वेलथीफ’, ‘सीआईडी’, ‘जॉनी मेरा नाम’, ‘अमीर गरीब’, ‘वारंट’, ‘हरे रामा हरे
कृष्णा’ और ‘देस परदेस’ जैसी कई हिट फिल्में दीं। यद्यपि बाद में आई उनकी कई
फिल्मों ने बाक्स आफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं किया तथापि फिल्म बनाने और अपने काम
के प्रति उनका जुनून कम नहीं हुआ।
देवानंद का जन्म 26 सितंबर 1923 को पंजाब के गुरदासपुर में हुआ था। 19 वर्ष की
आयु में ही वे बंबई आ गए। उन दिनों बंबई के चमकते कलाकारों दिलीप कुमार और राज कपूर के साथ उनकी तिकड़ी लोकप्रिय हो गयी। इस तिकड़ी में एक
देवानंद ही जीवन के अंतिम समय तक फिल्में बनाते रहे हैं। जब उनके समय के अभिनेताओं
ने फिल्मों में नायकों की भूमिका करनी छोड़ दी, तब भी देवानंद नायक
की भूमिका करते रहे। वर्ष 1949 में उन्होंने अपनी
प्रॉडक्शन कंपनी ‘नवकेतन इंटरनैशनल फिल्म’ की स्थापना की और 35 से ज्यादा फिल्में इसके बैनर तले बनाईं। नवकेतन की कई फिल्मों ने अपार सफलता
प्राप्त की।
भारतीय सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने देवानंद को वर्ष 2001 में उन्हें प्रतिष्ठित सम्मान ‘पद्मभूषण’ से सम्मानित किया था। अगले ही वर्ष
(सन 2002 में) उन्हें भारतीय फिल्म जगत का सबसे बड़ा पुरस्कार ‘दादा साहब फाल्के
पुरस्कार’ मिला।
देवानंद को दो ‘फिल्मफ़ेयर एवार्ड’ भी मिले। सन 1958 में फिल्म ‘काला पानी’ के लिए पहला और 1966 में दूसरी बार फिल्मफ़ेयर एवार्ड ‘गाइड’ के लिए मिला। ‘गाइड’
ने फिल्मफ़ेयर अवार्ड में
पाँच एवार्ड पाने का रिकार्ड भी बनाया था। ‘गाइड’ को ‘सर्वश्रेष्ठ फिल्म’ और ‘सर्वश्रेष्ठ डायरेक्टर’ सहित
पांच श्रेणियों में फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। ‘गाइड’ उनकी सदाबहार फिल्म सिद्ध हुई। उसी वर्ष (1966 में) ‘गाइड’ को ऑस्कर की विदेशी फिल्म श्रेणी में भारत की ओर से नामांकित भी किया गया। देवानंद
ने नोबेल पुरस्कार से सम्मानित लेखिका पर्ल एस बक के साथ ‘गाइड’ के अंग्रेजी संस्करण ‘द गुड
अर्थ’ का सह निर्माण भी किया।
वर्ष 1993 में उन्हें फिल्मफेयर’ लाइफटाइम अचीवमेंट
अवॉर्ड’ और 1996 में स्क्रीन विडियोकॉन ‘लाइफटाइम अचीवमेंट
अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया।
उन्होंने अमेरिकी फिल्म ‘सॉन्ग ऑफ लाइफ’ का निर्देशन भी किया। प्रेम कहानी पर
आधारित इस संगीतमय फिल्म की शूटिंग अमेरिका में हुई थी। इस फिल्म में मुख्य भूमिका
देवानंद ने निभाई थी, जबकि बाकी सभी कलाकार अमेरिकी थे।
देवानंद के भाई चेतन आनंद और विजय आनंद भी फिल्मों से जुड़े थे। उनकी पत्नी कल्पना कार्तिक भी लोकप्रिय अभिनेत्री रही हैं। उन्होंने विवाह के बाद फिल्मों को अलविदा कह दिया था। उनकी बहन शील कांता कपूर का बेटा प्रख्यात फिल्म निर्देशक शेखर कपूर हैं।
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