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पुस्तक चर्चा - ‘चायवाले से प्रधानमंत्री - नरेन्द्र मोदी : एक तिलिस्म’
7/29/2014 1:03:52 PM
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- हरीश चन्द्र सन्सी

पुस्तक चर्चा

‘चायवाले से प्रधानमंत्री - नरेन्द्र मोदी : एक तिलिस्म’

- हरीश चन्द्र सन्सी

रेन्द्र मोदी ने 26 मई 2014 की शाम प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी उससे ठीक NarendraModi Book.jpgएक दिन पहले, रविवार 25 मई को लेखक व पत्रकार प्रकाश हिन्दुस्तानी की पुस्तक ‘नरेन्द्र मोदी : एक तिलिस्म’ का लोकार्पण इंदौर प्रेस क्लब में वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग (समूह संपादकनई दुनिया) और प्रो. पी.एन. मिश्रा (हेड ऑफ डिपार्टमेंटइंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंसदेवी अहिल्या विश्वविद्यालयइंदौर) के आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस पुस्तक के बारे में विशेष बात यह है कि इसे 16 से 21 मई के बीच लिखा गया और केवल 2 दिन के रिकॉर्ड समय में यह पुस्तक छाप कर प्रकाशित भी हो गई। यह पुस्तक नरेन्द्र मोदी की जीवनी नहीं हैबल्कि उनकी चुनाव रणनीति और विजय की केस स्टडी है। यह पुस्तक मोदी के प्रबंध-कौशल और रणनीति के बारे में विस्तृत जानकारी देती है। इसमें मोदी के विज्ञापन अभियान के सूत्रधार ‘ओगिल्वी एंड मैथर’ (ओ एंड एम) से जुड़ी एजेंसी ‘सोहो स्कवेयर’ का उल्लेख है,जिसने 200 टीवी विज्ञापन, 1000 प्रिंट विज्ञापन और 100 रेडियो स्क्रिप्ट तैयार किए। ओ एंड एम के क्रियेटिव डायरेक्टर पीयूष पांडे के अनुसार पेशगी-सर्वे में यह बात उभर कर सामने आई कि मोदी की ‘री-कॉल वैल्यू’ बीजेपी से ज्यादा है। बीजेपी के विज्ञापनों को जहां 37% लोग याद रख सकेवहीं मोदी के विज्ञापन 56% लोगों को याद रहे।

30 विशेषज्ञों की एक टीम ने मोदी को केन्द्र में रखते हुए दिल्ली-मुंबई में रात-दिन काम किया। इस टीम ने करीब दो माह तक प्रतिदिन औसतन 125 विज्ञापनों के आर्टवर्क तैयार किये। इस टीम की कमान अनुराग खंडेलवालसतीश डिसानीलेश जैन,राजकुमार झा और पवन भट्ट के हाथों में थी। सुजीत सरकार के नेतृत्व में एजेंसी ने हर रात 10 विज्ञापन फिल्में बनायीं। ‘टी-20 विश्व कप’ के दौरान एनीमेशन-विशेषज्ञ मनीष शेरावत के निर्देशन में पार्टी के प्रचार की एनीमेटेड फिल्म बनीजो खासी सराही गई। दिल्ली के ताज विवांता होटल के दो कमरों में विज्ञापनों का शूट चला।

इस सिलसिले को याद करते हुए पीयूष पांडे कहते हैं, ‘हमारा विज्ञापन अभियान बहुत सफल हुआक्योंकि हमारा प्रोडक्ट - नरेन्द्र मोदी बहुत ही अद्भूत था।

प्रकाश हिन्दुस्तानी मानते हैं कि कोई भी विज्ञापन, कितना भी अच्छा क्यों न होखराब प्रोडक्ट को नहीं बेच सकता। चुनाव में सफलता विज्ञापन की सफलता से अधिक नरेन्द्र मोदी और उनके व्यक्तित्व की सफलता है। मोदी अगर चाय के ठीये से उठ करPrakash-with-SushmaSwaraj.jpgप्रधानमंत्री के पद तक पहुंचे हैं तो इसके पीछे उनकी सोच,उनकी शैली,उनके संकल्प और उनके अभूतपूर्व ऐतिहासिक अभियान का हाथ है। यह अकारण नहीं है कि अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में देश के 5 प्रमुख चैनलों पर मोदी को 42.14% कवरेज मिलाजबकि केजरीवालराहुल और प्रियंका को क्रमश: 3.9, 3.82 और 4.98% कवरेज मिला।पुस्तक बताती है कि आज फेसबुक पर मोदी के 1.04 करोड़ प्रशंसक हैं। यानि मोदी उस समय बराक ओबामा के बाद लोकप्रियता में पूरी दुनिया में दूसरी पायदान पर थे। वेब पर मोदी के चुनाव अभियान की अगुवाई में 100 तकनीशियनों की टीम जुटाकर यह अभियान चलाया गया।

पुस्तक में कुछ कतरनें हैं तो कार्टूनतालिकाएं व ग्राफ भी हैं। मोदी के भाषण हैं और लेख भी। अपनी पुस्तक में प्रकाश हिन्दुस्तानी ने यह जानने की कोशिश की है कि मोदी सत्ता-शीर्ष तक पहुंचे कैसे? अलबत्ता उनकी मान्यता है कि मोदी के तिलिस्म को भेदना अभी बचा है।

भले ही यह पुस्तक जल्दी-जल्दी में लिखी गई होलेकिन पुस्तक है अत्यंत रोचक और सूचना व संदर्भ के दृष्टिकोण से उपयोगी भी है। इस पुस्तक में प्रकाश हिन्दुस्तानी अपनी कलम के सिमसित’ से मोदी के तिलिस्म को भेदने में अंशत: कामयाब हुए प्रतीत होते हैं।

प्रकाश हिन्दुस्तानी को हमारी हार्दिक बधाई।

 

चायवाले से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी : एक तिलिस्म

लेखक- प्रकाश हिन्दुस्तानी

प्रकाशक- साहित्य संस्थान,

गाजियाबाद

मूल्य - 150 रुपए

 

HarishSansi.jpg 

हरीश चन्द्र सन्सी

 

*****

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From tea vender to Prime Minister ‘Narendra Modi : A Miracle

,



 

काजल कुमार said :
चुनाव रणनीति‍ पर इस प्रकार की पुस्‍तकों का चलन यहां अभी नहीं है. भारत में इस बार, वि‍ज्ञापन की अति‍महत्‍वपूर्ण भूमि‍का वाला शायद यह अपनी तरह का अलग ही चुनाव था.
7/30/2014 11:04:52 AM
amit said :
ग्रेट बुक अ+++++
7/29/2014 7:08:10 PM
Pawan Chaudhary said :
जबाब नहीं ......... इस का, कृपया आपने इन अच्छे कार्यों को बुलंदियों तक पहुंचाएं. धन्यवाद. - पवन चौधरी
7/30/2014 7:56:50 AM
देवेंद्र कुमार said :
पुस्तक चाहे कम समय में लिखी गई है परंतु बहुत ही सुंदर ढंग से लिखी गई है। लेखक को बधाई। - देवेंद्र कुमार
8/6/2014 2:25:35 PM

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