Font Sign In / Register
शब्दकोश Dictionary
अंग्रेज़ी-हिन्दी शब्द अनुवाद
 
www.swargvibha.tk
 
Opinion Poll
No-ball incident has made our players more aggressive, says M S Dhoni. Do you agree?
Yes
No
Can't Say
Please answer this simple math question 6 + 1 = 7
   
 
Social Media
 
 
 
 
 
Email
नंदन वन नाम बड़े दर्शन छोटे - अरुण कुमार बंछोर
10/7/2014 3:52:39 PM
Post Your Review

- अरुण कुमार बंछोर  (रायपुर)

नंदन वन का नाम बहुत सुना था अब देखा भी लिया। यहां नाम बड़े दर्शन छोटे वाली कहावत पूरी तरह से चरितार्थ होती है।

नंदन वन एक मिनी जू है जो रायपुर के वन विभाग (फॉरेस्ट डिपार्टमेंट) की ओर से विकसित किया गया है। यह खारुन नदी के किनारे अटारी गांव में स्थित है। इसकी स्थापना 1977  में रायपुर वनमंडल द्वारा हथबंद में कराई गई। यह चिडिय़ाघर 48 एकड़ में फैला हुआ है। यहां 200 से ज्यादा वन्य प्राणियों और पक्षियों को रखा गया है। कुछ महीने पहले महासमुंद जिले में एक नरभक्षी चीते को पकडऩे के बाद उसे ग्रामीणों से बचाने के लिए रायपुर के नंदनवन चिडिय़ाघर भेज दिया गया। इन सभी जानवरो का भगवान ही मालिक है। इनकी सेहत पर ध्यान देने वाला कोई नहीं है। प्यास बुझाने के लिए गंदा पानी है। खाने के नाम पर औसत से कम खाना दिया जाता है। हो सकता है इनके अच्छे दिन आयें पर अभी तो इन जानवरो के साथ जुल्म ही हो रहा है। नया रायपुर में जंगल सफारी का निर्माण किया जा रहा है। हालांकि इसे अभी काफी समय लगेगा लेकिन जंगल सफारी में रखे जाने वाले हिंसक वन्य प्राणियों को अभी नंदन वन में रखकर छत्तीसगढ़ के मौसम के अनुरूप उन्हें ढाला जा रहा है। इस ओर अफसरों का ध्यान भी नहीं है जिस कारण वन्य प्राणियों की हालत खराब है। यहां पर बड़ी संख्या में हिरण कोटरी चौसिंघा आदि वन्य प्राणियों को खुले में रखा गया है। 

 NandanVan-1.jpg

बंदरों के पास तो

बंदरों को एक बड़े पिंजरे में रखा गया है। आप जाएं तो बंदर आपका मनोरंजन करते नजऱ आएंगे। उनकी उछलकूद पर्यटकों को खूब भाती है। पर क्या उन बंदरों का सही देखभाल हो रहा है। आपको पिंजरे के पास जाते ही पता चल जाएगा। तेज बदबू के कारण आप एक पल भी वहां खड़ा रहना पसंद नहीं करेंगे। जऱा सोचो उन बंदरों का क्या हाल होता होगा जो पिंजरे में बंद है। लगता है सालो से पिंजरों की सफाई ही नहीं हुई है। हमने देखा पका हुआ चावल, चने और कुछ खाने की सामग्री पिंजरे में बेतरतीब पड़ी हुई थी और वह खराब भी हो चुकी थी। बदबू वहीं से आ रही थी और बंदर भूखे होने के कारण उसे ही खा रहा था। 

 NandanVan-2.jpg

बड़े मजे मे है लकड़बग्घे

लकड़बग्घे को देखकर दिल खुश हो गया। वे बड़े मजे में है। स्वास्थ्य है ओर तंदरुस्त भी। उनके पिंजरे की साफ़ सफाई भी अच्छे से की गई थी। उन्हें देखकर नहीं लगता कि उन्हें किसी चीज की कमी है। पर उनके पिने के लिए जो पानी रखा गया था वह बहुत ही गंदा था। शायद जू के कर्मचारियों को जानवरों पर तरस नहीं आता। हिरण, कोटरी, चौसिंघा, घडिय़ाल, सिंह, भालू सहित अन्य जानवर अपनी किस्मत पर यहां आंसू बहाने के अलावा और कुछ नहीं कर सकते। सबकी हालत एक जैसी है। इनके पीने के लिए गड्ढे में जो पानी भरा गया है वह इतना गंदा है कि बता पाना मुश्किल है। पानी में कचरे का ढेर है और  ऊपर से काई जमी हुई है। भला इस पानी को पीने से जानवरो का क्या होगा।?

NandanVan-4.jpg 

बूढ़ी नजऱ आती है मात्र चार साल की सरस्वती

नंदन वन में बाघों की हालत बहुत ही खराब है। वन विभाग के लोग कहते है कि बाघों को रोजाना 8 किलो मांस खाने को देते हैं पर बाघों को देखकर तो नहीं लगता की उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाना मिलता होगा? मात्र चार साल की उम्र में सरस्वती नामक मादा बाघिन बूढ़ी नजऱ आती है। नर बाघ की हालत भी कुछ ऐसी ही है। नंदन वन में हम दो घंटे रहे पर नर और मादा बाघ इन दो घंटो में एक ही स्थान पर बैठे रहे। उनके चेहरों पर कमजोरी साफ नजऱ आ आ रही थी। बाघों के बाड़े में जो पानी है वह भी पीने लायक तो नहीं है। पानी एकदम गंदा और काई से ढंका हुआ था। अगर पानी की यही व्यवस्था रही तो इन बाघों का भगवान ही मालिक है। 

 NandanVan-3.jpg

कुछ अच्छी बातें 

मोर, शुतुरमुर्ग, तोते सहित अन्य पक्षियों की चहचहाट से नंदन वन में रौनक थी। उनका बड़ा ही अच्छा ख्याल रखा जाता है। पर्यटक पक्षियों के पास ही ज्यादा समय बिताते है। रंग बिरंगे तोतों से दर्शक बाते करते नजऱ आते है। नंदन वन में जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए स्प्रिंकल्स (फव्वारे) लगाए गए हैं। नंदन वन प्रबंधन ऐसे स्प्रिंकल्स सभी जानवरों के बाड़े में लगाने की तैयारी कर रहा है। इसका प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है। अधिकारियों ने बताया कि आम तौर पर गर्मी में जानवर धूप की तपिश से बीमार पड़ जाते थे, लेकिन अब उन्हें राहत मिलेगी। नंदन वन में दोनों नर और मादा टाइगर, एक लॉयन और हिरणों के बाड़े में नल लगाये फाये हैं। इसमें स्प्रिंकल्स लगाए गए हैं। इसके अलावा तेंदुआ, कुछ चुनिंदा पक्षियों और भालू के पिंजरे में भी ऐसे ही स्प्रिंकल्स लगाने की तैयारी है।


  ArunKumarBanchhor-90.jpg

 अरुण कुमार बंछोर

 *****

 Shubham-OK-529X180.JPG


HDFC-Ad-400X290.JPG

All is not well in Nandan van - Arun Kumar Banchhor

,



 

ज्योत्स्ना सक्सेना said :
नंदनवन की बेहाली का हाल बड़ी बेबाकी से बयां कराती ,,,, जानवरों की पीड़ा से रूबरू कराती खबर ,,,,, आपको साधुवाद आ . अरुण जी ,,,,, जब तक स्प्रिंकलस को विभागीय स्वीकृति मिलेगी तब तक ठण्ड का मौसम आ जायगा ,,,,,
10/7/2014 6:05:07 PM
रवि वर्मा said :
देश भर में एक जैसा हाल है. सरकार को चाहिए कि इस संबंध में उचित कदम उठाये. - रवि वर्मा
10/9/2014 6:22:54 PM

Post Your Review

Your Name  
Your Email  
Your Comment:
Type in Hindi (Press Ctrl+g to toggle between English and Hindi)
 
      
 
 
Go To Top
 
Login

     
 
                 

             

New User! Register Here.
Forgot Password?
 
 
 
 
Online Reference
Dictionary, Encyclopedia & more
Word:
by:
 
Traffic Rank
 
 
About Us  |   Contact Us   |   Term & Conditions   |   Disclaimer  |   Privacy Policy  |   copyright © 2010... Powered by : InceptLogic