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भारतीयों को यमन छोड़ने के लिए कहा भारत सरकार ने
6/8/2011 7:30:31 AM
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यमन में रह रहे भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों को भारत सरकार ने शीघ्रातिशीघ्र वहां से हटने के लिए कहा है। ज्ञात रहे कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन से शुरू हुए आंदोलन पर यमन सरकार द्वारा बर्बर कार्रवाई करने से लोगों का गुस्सा भड़क उठा था जिससे राष्ट्रपति सालेह के समर्थक कबीलाई नेता भी उनके खिलाफ हो गए और राजधानी साना की सड़कों पर युद्ध जैसे हालात बन गए थे। समाचार है कि यमन में राष्ट्रपति भवन पर रॉकेट हमले में जख्मी हुए राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह को इलाज के लिए सऊदी अरब ले जाया गया है और उपराष्ट्रपति अब्द रब्बू मंसूर हैदी ने कार्यवाहक राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर की जिम्मेदारी संभाल ली है। उल्लेखनीय है कि यमन के संविधान के मुताबिक, राष्ट्रपति की गैरमौजूदगी में उपराष्ट्रपति 60 दिनों तक उनका कामकाज संभाल सकता है। सरकार ने कहा है कि यमन छोड़ने के लिए वे भारतीय उच्चायोग की सहायता ले सकते हैं। लेकिन अब तक बहुत ही कम लोगों ने इसके लिए उच्चायोग से संपर्क किया है। विदेश मंत्रालय ने विगत 15 दिनों में यमन छोड़ने के संबंध में तीसरी बार ऐसे दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय का कहना है कि वहां रहने वाले भारतीय मूल के सभी लोग शीघ्र यमन छोड़ दें। मंत्रालय ने उन्हें कहा है कि वे 'अनिवार्य तौर' पर साना स्थित भारतीय उच्चायोग के हेल्पलाइन फोन नंबरों पर सम्पर्क करें। मंत्रालय ने कहा है कि यमन छोड़ने संबंधी व्यवस्था करने की जिम्मेदारी उच्चायोग की है और यह व्यवस्था 11 जून तक जारी रहेगी। माना जा रहा है कि यमन में अभी भी 10,000 भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के लोग रह रहे हैं।
हैल्पलाइन नंबर 1. +967 711 880 938 (यमन के लिए लोकल कॉल) 2. +967 734 000 657 (सभी कॉल्स के लिए) |

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