- विशेष प्रतिनिधि
प्रतिष्ठित कथाकार तेजेंद्र
शर्मा (महा-सचिव - कथा यू. के.) ने लंदन से सूचित किया है
कि वर्ष 2012 के लिए ‘अंतर्राष्ट्रीय इंदु शर्मा कथा सम्मान’ वरिष्ठ पत्रकार व
कथाकार प्रदीप सौरभ को उनके उपन्यास तीसरी ताली (वाणी प्रकाशन से 2011 में प्रकाशित) पर देने का निर्णय लिया गया है। हिजड़ों एवं समलैंगिकों के
जीवन पर आधारित यह उपन्यास अपने आप में अनूठा है। लंदन के ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में 28 जून 2012 की शाम को एक भव्य
आयोजन में प्रदीप सौरभ को यह सम्मान प्रदान किया जायेगा। अब तक चित्रा मुद्गल, संजीव,
ज्ञान
चतुर्वेदी, विभूति नारायण राय, असग़र वजाहत, महुआ माजी, नासिरा शर्मा, हृषिकेश सुलभ आदि को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया
जा चुका है।
1 जुलाई 1960 को कानपुर में
जन्मे प्रदीप सौरभ ने इलाहबाद विश्वविद्यालय से हिन्दी साहित्य में एम.ए. की डिग्री
हासिल की। जन आंदोलनों में हिस्सा लिया। कई बार जेल गए। वह साप्ताहिक हिन्दुस्तान
के संपादन विभाग से लंबे समय तक जुड़े रहे। आजकल वह ‘दि सी एक्सप्रेस’ दैनिक
समाचार पत्र के राजनीति-संपादक के रूप में कार्यरत हैं।
सम्मानित उपन्यास के
अतिरिक्त उनके दो अन्य उपन्यास ‘मुन्नी मोबाइल’ एवं ‘देश भीतर देश’ प्रकाशित हो
चुके हैं। भारतेंदु कृत अंधेर नगरी,
सर्वेश्वर
का रचना संसार एवं कविता संग्रह दरख़्त के दर्द उनकी अन्य प्रकाशित कृतियों में
शामिल हैं। वह गुजरात दंगों की रिपोर्टिंग के लिए वह पुरस्कृत हुए थे। निजी जीवन
में खरी-खोटी हर प्रकार की खूबियों से लैस, खड़क, खुर्राट और खरे। मौन में तर्कों का पहाड़ लिये इस व्यक्ति ने कब, कहां और कितना जिया, इसका हिसाब-किताब कभी नहीं रखा। बंधी-बंधाई लीक पर कभी नहीं चला है वह।
इस सम्मान के अंतर्गत
प्रदीप को एक शील्ड, शॉल प्रदान किए जाएंगे तथा लंदन के विशिष्ट दर्शनीय
स्थलों का भ्रमण भी कराया जायेगा।
इस कार्यक्रम के दौरान भारत
एवं विदेशों में रचे जा रहे हिंदी साहित्य के बीच के रिश्तों पर भी गंभीर चर्चा होगी।
*****